देवघर जिले के शांत जंगलों के बीच पुलिस ने एक ऐसा ठगी नेटवर्क पकड़ा है, जिसकी उम्मीद सामान्यतः शहरी क्षेत्रों में होती है। चार युवक जंगल के अंदर बैठकर लैपटॉप और फोन से ठगी का काम कर रहे थे। पुलिस को इसकी जानकारी कई शिकायतों की समीक्षा के बाद मिली थी। आरोपियों ने अपना सेटअप ऐसी जगह बनाया था जहाँ पुलिस की पहुँच मुश्किल होती है। इसके बावजूद पुलिस ने अभियान चलाया और सभी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई की इलाके में चर्चा बनी हुई है।
युवक खुद को ई-कॉमर्स कंपनियों का कर्मचारी बनाकर पेश करते थे। गूगल पर कस्टमर केयर नंबर डालकर वे भरोसेमंद दिखते थे। लोग जैसे ही किसी समस्या के लिए कॉल करते, ये उन्हें तकनीकी सहायता के नाम पर फंसा लेते थे। बैंकिंग प्रक्रिया समझाने के बहाने स्क्रीन शेयर कराते थे। धीरे-धीरे पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने बताया कि कई मामलों में सरकारी योजनाओं के नाम पर भी ठगी की गई।
गिरफ्तार अजीत दास पहले भी साइबर अपराध में शामिल पाया गया था। अन्य तीन आरोपी उसके साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क चला रहे थे। बरामद मोबाइल और सिम से पुलिस को कई डेटा मिले हैं। आगे की जांच से साइबर गिरोह का बड़ा स्वरूप सामने आ सकता है। पुलिस अब ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता भी बढ़ाने की तैयारी में है। घटना ने लोगों को डिजिटल सुरक्षा के महत्व की फिर याद दिला दी है।


