भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अहम खुलासा किया है। निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है। जांच में बेनामी संपत्तियों के सबूत मिले हैं। एसीबी को मनी ट्रेल से अहम सुराग हाथ लगे हैं। यह भ्रष्टाचार की गहरी साजिश को दर्शाता है। संपत्तियां जानबूझकर दूसरों के नाम खरीदी गईं। ताकि असली मालिक का नाम सामने न आए। इसमें घरेलू स्टाफ का भी इस्तेमाल हुआ। मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
एसीबी के अनुसार रांची के पॉश इलाकों में जमीनें खरीदी गईं। इन इलाकों में संपत्ति की कीमत करोड़ों में है। जिन कर्मचारियों के नाम जमीन है, उनकी आय बहुत कम है। उनकी आमदनी से यह खरीद संभव नहीं मानी जा रही। इससे अवैध धन निवेश की पुष्टि होती है। जांच एजेंसी इसे बेनामी लेन-देन बता रही है। यह धन शोधन की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। कागजों में मालिक बदले गए। लेकिन नियंत्रण एक ही व्यक्ति का रहा। जांच में यह बात साफ होती जा रही है।
एसीबी अब सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन देखे जा रहे हैं। बैंक खातों की जांच जारी है। पैसों के स्रोत तलाशे जा रहे हैं। जिनके नाम संपत्तियां हैं उनसे पूछताछ होगी। एजेंसी सभी कड़ियों को जोड़ रही है। यह केवल आय से अधिक संपत्ति का मामला नहीं है। बल्कि सरकारी पद के दुरुपयोग का भी आरोप है। सार्वजनिक धन की लूट की आशंका जताई गई है। जांच आने वाले दिनों में निर्णायक मोड़ ले सकती है।


