रांची में न्यायालय और प्रशासन के बीच आदेश अनुपालन को लेकर विवाद उभरा है। झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश नहीं मानने पर सख्ती दिखाई है। डोरंडा थाना प्रभारी को अदालत में पेश होने का निर्देश मिला है। रांची एसपी को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। डीजीपी को वर्चुअल माध्यम से जुड़ने को कहा गया है। इससे मामले की गंभीरता स्पष्ट होती है।
अधिवक्ता मनोज टंडन ने अदालत में शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि आदेश के बाद भी उनकी कार नहीं छोड़ी गई। वे आवश्यक दस्तावेज लेकर थाना पहुंचे थे। शाम तक वाहन रिलीज नहीं हुआ। इसे अदालत की अवमानना के रूप में देखा जा रहा है। कोर्ट ने तथ्य जानने के लिए अधिकारियों को तलब किया।
सरकार की ओर से कहा गया कि मामला अभी विचाराधीन है। रांची सिविल कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन लंबित बताया गया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के स्थगन आदेश का उल्लेख किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होगी। यह मामला कानूनी बहस का विषय बन गया है।



