नई दिल्ली में तेतुलिया जमीन घोटाले पर अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत की मांग ठुकरा दी। बिमल अग्रवाल राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक हैं। निचली अदालत और हाईकोर्ट से पहले ही याचिका खारिज हो चुकी थी। इसके बाद सर्वोच्च अदालत में अपील की गई थी। अदालत ने विस्तृत सुनवाई की।
मामले में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच चल रही है। उमायुष कंपनी को चार करोड़ से अधिक भुगतान किया गया था। जांच एजेंसियां दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। कानूनी पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया। सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आदेश दिया। अग्रिम जमानत नहीं दी गई। इससे अभियोजन को मजबूती मिली है। अब आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। यह फैसला मामले में अहम साबित हो सकता है।



