झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जल्द ही चुनाव की घोषणा होने की संभावना है। चुनाव गैर-दलीय होंगे। इसके बावजूद राजनीतिक दलों की भूमिका अहम बनी हुई है। मेयर पद के लिए संभावित उम्मीदवार सामने आने लगे हैं। कई दल अंदरखाने रणनीति बना रहे हैं। उम्मीदवारों की सामाजिक पकड़ का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय समीकरणों को साधने की कोशिश हो रही है। शहरी मतदाताओं पर फोकस बढ़ गया है। राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गर्म हो रहा है।
रांची नगर निगम में मेयर पद आरक्षित होने के कारण खास चर्चा है। आदिवासी वर्ग से कई नाम उभरकर सामने आए हैं। रोशनी खलखो और नकुल तिर्की चर्चित नाम हैं। प्रभु दयाल बड़ाईक और अशोक बड़ाईक भी दौड़ में हैं। मानगो नगर निगम में महिला आरक्षण के कारण समीकरण बदले हैं। यहां सुधा गुप्ता और जेबा खान के नाम सामने हैं। प्रीति सिन्हा और लक्खी सिंह राजपूत की भी चर्चा है। धनबाद में मेयर पद सामान्य श्रेणी का है। यहां शेखर अग्रवाल और अभिजीत राज सक्रिय बताए जा रहे हैं। हर शहर में अलग-अलग समीकरण बन रहे हैं।
हजारीबाग में भाजपा और झामुमो दोनों सक्रिय हैं। दोनों दल अपने समर्थक उम्मीदवारों को आगे बढ़ा रहे हैं। चास और मेदिनीनगर में भी नाम तय करने की प्रक्रिया चल रही है। नगर निगम के अलावा नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी चुनाव होंगे। कई छोटे शहरों में भी राजनीतिक हलचल दिख रही है। स्थानीय स्तर पर समीकरण साधे जा रहे हैं। संगठनात्मक ताकत को परखा जा रहा है। चुनाव जीतने की रणनीति पर काम हो रहा है। अंतिम तस्वीर अधिसूचना के बाद साफ होगी। फिलहाल सियासी सरगर्मी बनी हुई है।



