रांची : सिरमटोली फ्लाईओवर को लेकर पिछले कुछ समय से बढ़ते विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि विकास कार्यों में बाधा डालने वाली राजनीति को प्रोत्साहन नहीं दिया जा सकता. अदालत ने दोनों जनहित याचिकाओं को खारिज कर दिया.
इस मामले में सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने विस्तार से बताया कि प्रोजेक्ट समय पर शुरू हुआ और किसी भी स्तर पर पहले आपत्ति दर्ज नहीं की गई. उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना न केवल ट्रैफिक प्रबंधन के लिए जरूरी थी बल्कि शहर की लंबी अवधि की योजना का हिस्सा थी. अदालत ने भी यही माना कि फ्लाईओवर से सरना स्थल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और यह दावा तथ्यों के बिना किया गया.
अदालत के इस निर्णय के बाद न केवल विवाद पर विराम लगा है बल्कि अब प्रशासन भी तेजी से काम पूरा करने की तैयारी कर रहा है. यह फैसला विकास और सुविधा के पक्ष में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.



