कोयला घोटाले के एक अहम मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। SKS Ispat and Power Limited को दोषी ठहराया गया है। कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया गया है। साथ ही तीन अधिकारियों को जेल की सजा दी गई है।
अदालत ने पाया कि कोल ब्लॉक आवंटन के लिए गलत तथ्य पेश किए गए थे। कंपनी ने नेटवर्थ और उत्पादन से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी की। पर्यावरणीय स्वीकृति से जुड़ी सूचनाएं भी गलत पाई गईं। इन तथ्यों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ।
सीबीआई ने 2014 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के बाद आरोप पत्र दायर किया गया। अदालत ने सभी साक्ष्यों को सही माना। फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दर्शाता है।


