एनसीआरबी के ताजा आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। देश में बच्चों के लापता होने के मामले तेजी से बढ़े हैं। यह स्थिति गंभीर सामाजिक समस्या का रूप ले चुकी है। हर दिन सैकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। यह केवल आंकड़े नहीं बल्कि जिंदगियां हैं।
बरामदगी के प्रयास भी लगातार चल रहे हैं। 80 हजार से अधिक बच्चों को सुरक्षित खोजा गया है। इसके बावजूद 47 हजार से ज्यादा बच्चे अब भी लापता हैं। यह प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। साथ ही समाज के लिए चेतावनी भी है।
झारखंड जैसे राज्यों में विशेष सतर्कता जरूरी है। यहां तस्करी और शोषण की आशंका बनी रहती है। सरकार अभियान चला रही है। लेकिन जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।



