नशा तस्करी के तरीके समय के साथ बदल रहे हैं। अब तस्कर डार्क वेब का सहारा ले रहे हैं। विदेश से नशीले पदार्थ मंगाए जा रहे हैं। इन्हें सामान्य डाक पार्सल में छिपाया जाता है। रांची में ऐसा ही मामला सामने आया है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की। तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह शहर में नशा फैला रहा था। युवाओं को निशाना बनाया जा रहा था। मामला बेहद गंभीर है।
पार्सल में एलएसडी छिपाकर मंगाया गया था। ग्रीटिंग कार्ड के अंदर नशा रखा गया था। बाहर से देखने पर कोई शक नहीं होता। यही तस्करों की चाल थी। पुलिस की सतर्कता से यह तरीका पकड़ा गया। मौके से आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में नेटवर्क का खुलासा हुआ। दूसरे आरोपी के पास से पुड़िया मिलीं। यह स्थानीय सप्लाई से जुड़ा था। पुलिस अब पूरे लिंक की जांच कर रही है।
विश्लेषण में साफ है कि नशा तस्करी तकनीकी होती जा रही है। साइबर अपराध से इसका गहरा संबंध है। पुलिस को भी तकनीकी रूप से मजबूत होना होगा। ऐसे मामलों में जागरूकता जरूरी है। डाक और ऑनलाइन निगरानी बढ़ानी होगी। अभिभावकों को सतर्क रहना होगा। युवाओं को सही दिशा दिखानी जरूरी है। कानून का सख्ती से पालन जरूरी है। इस कार्रवाई से तस्करों में डर पैदा होगा। आगे और खुलासे संभव हैं।



