चाईबासा में सामने आया साइबर अपराध कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया के बढ़ते जोखिमों का उदाहरण है। जीवन प्रमाण पत्र अपडेट जैसे सरकारी प्रक्रियाओं के नाम पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। यह अपराध न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि यह भरोसे पर किया गया हमला भी है।
पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की, आरोपी की गिरफ्तारी हुई और राशि फ्रीज की गई। यह कदम प्रशंसनीय है, लेकिन यह भी संकेत है कि अपराधी तकनीक का इस्तेमाल और तेज़ी से कर रहे हैं।
लोगों को अपनी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को देने से बचना चाहिए। सरकार और पुलिस को भी जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। यह केवल कानूनी मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा है।


