राज्य की जेलों में बंद कैदियों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जनहित याचिका में बताया गया कि कई कैदी सजा पूरी कर चुके हैं। फिर भी उनकी रिहाई नहीं हो पाई है। अदालत ने इस पर चिंता जताई।
राज्य सरकार ने अदालत में अपना पक्ष रखा। सरकार की ओर से कैदियों का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह आंकड़ा प्रार्थी को सॉफ्ट कॉपी में दिया जाए। अदालत ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर आगे निर्णय होगा।
यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा दाखिल की गई है। कोर्ट ने कहा कि सजा पुनरीक्षण बोर्ड को सक्रिय होना चाहिए। अदालत ने समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी।


