23 दिसंबर को झारखंड की सियासत अहम मोड़ पर है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। पेसा कानून पर चर्चा की संभावना है। यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है। आदिवासी समाज फैसले की प्रतीक्षा में है। सरकार पर भरोसे की परीक्षा है।
उसी दिन हाईकोर्ट में पेसा को लेकर सुनवाई होगी। अदालत ने पहले ही आदेश दिया था। तेरह महीने बीतने के बाद भी नियमावली लागू नहीं हुई। अवमानना याचिका पर सुनवाई जारी है। कोर्ट सरकार से जवाब चाहता है।
कैबिनेट का निर्णय निर्णायक साबित हो सकता है। पेसा कानून आदिवासी अधिकारों की बुनियाद है। देरी से सरकार की छवि प्रभावित हुई है। मंगलवार को स्थिति साफ हो सकती है। फैसले से आगे की राजनीति तय होगी। राज्य भर की नजर इस पर टिकी है।



