गोड्डा जिला कोर्ट ने इंसाफ की मिसाल पेश की है। सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषियों को उम्रकैद दी गई। पीड़िता नाबालिग थी। मामला बेहद संवेदनशील था। अदालत ने गंभीरता से सुनवाई की।
पुलिस ने पूरे मामले में तत्परता दिखाई। आरोपियों की गिरफ्तारी समय पर हुई। अदालत में पर्याप्त साक्ष्य पेश किए गए। पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप सिद्ध हुए। कोर्ट ने सजा सुनाते समय कड़ा रुख अपनाया।
अदालत ने कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध असहनीय हैं। फैसले से समाज में सकारात्मक संदेश गया है। पीड़िता को न्याय मिला है। कानून की सख्ती साफ दिखी है।



