संजीव सिंह हत्याकांड में कोर्ट का फैसला समाज के लिए अहम है। अदालत ने साफ किया कि अपराध बर्दाश्त नहीं होगा। उम्रकैद की सजा से न्याय का संदेश गया है। पीड़ित परिवार को राहत मिली है। लोगों का भरोसा न्याय व्यवस्था पर बढ़ा है।
लंबी सुनवाई के बाद फैसला आया। गवाहों की भूमिका अहम रही। कोर्ट ने सबूतों का मूल्यांकन किया। दोषी और निर्दोष में अंतर किया गया। यह न्याय की बुनियाद है।
दिनदहाड़े हत्या ने लोगों को झकझोर दिया था। अब फैसला अपराधियों के लिए चेतावनी है। समाज में कानून का डर जरूरी है। यह निर्णय उसी दिशा में कदम है।



