हाईकोर्ट का यह फैसला अहम माना जा रहा है। कोर्ट ने सख्ती और संतुलन दोनों दिखाया। पहले एसपी को तलब किया गया। फिर उनका पक्ष भी सुना गया।
यह मामला पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा था। इसमें मानवीय और कानूनी दोनों पहलू थे। कोर्ट ने प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया।
अंत में कोर्ट ने अवमानना याचिका समाप्त कर दी। इससे स्पष्ट हुआ कि अवमानना केवल आदेश उल्लंघन पर ही बनती है। यह फैसला भविष्य के मामलों के लिए मार्गदर्शक माना जा रहा है।


