सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कार्यकारी नियुक्तियों को अस्वीकार्य बताया। राज्यों को नियमित चयन प्रक्रिया अपनानी होगी। आदेश के पालन के लिए एक महीने का समय दिया गया। मामला पुलिस सुधार से संबंधित है। सुनवाई उच्चतम न्यायालय की पीठ ने की।
अदालत में नियम उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया। कई राज्यों में प्रभारी डीजीपी नियुक्ति की जानकारी दी गई। कोर्ट ने इसे गंभीर माना। न्यायालय ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया जरूरी है।
अब आईपीएस अधिकारियों का पैनल यूपीएससी को भेजा जाएगा। आयोग की सहमति के बाद नियुक्ति होगी। तीन अधिकारियों में से एक का चयन किया जाएगा। समय पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। देरी होने पर अवमानना कार्रवाई संभव है। कोर्ट ने प्रशासन को सख्त संदेश दिया।



