रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायक Kalpana Soren ने महत्वपूर्ण संबोधन दिया। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण से जुड़े बजट का समर्थन किया। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्ष के कटौती प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है। यह राज्य के विकास का रोडमैप है। सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने सामाजिक न्याय को प्राथमिकता बताया। बजट को जनकल्याणकारी बताया गया। सदन में उनके बयान को महत्वपूर्ण माना गया।
उन्होंने बताया कि Mukhyamantri Maiya Samman Yojana के लिए 1465 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। महिलाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार महिलाओं के खातों में सीधे राशि भेज रही है। पहले सहायता राशि एक हजार रुपये थी। अब इसे बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं को बड़ा सहारा मिला है। महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इससे परिवारों को भी लाभ मिला है। सरकार इस दिशा में और काम कर रही है।
उन्होंने Savitribai Phule Kishori Samriddhi Yojana का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है। इससे बाल विवाह रोकने में भी मदद मिल रही है। बजट का 11 प्रतिशत हिस्सा बच्चों के विकास के लिए रखा गया है। उन्होंने Marang Gomke Overseas Scholarship Scheme की जानकारी दी। इसके तहत 100 से अधिक छात्र विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं। राज्य सरकार उनका पूरा खर्च उठा रही है। उन्होंने पेंशन योजनाओं की भी चर्चा की। 34 लाख लोगों को सर्वजन पेंशन से जोड़ा गया है। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट विकास और सामाजिक समानता का प्रतीक है।



