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झारखंड सरकार ने भवन नियमितीकरण योजना के लिए पोर्टल लॉन्च किया.

G प्लस टू मकानों को नियमित कराने आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू.

रांची में नगर विकास विभाग ने भवन नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। मंत्री सुदिव्य कुमार ने प्रोजेक्ट भवन से इसका उद्घाटन किया। सरकार ने इसे लोगों को राहत देने वाली महत्वपूर्ण योजना बताया है। इस योजना के तहत अनियमित तरीके से बने मकानों को नियमित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पहल पर यह कदम उठाया गया है। लंबे समय से लोग अपने मकानों को लेकर असमंजस में थे। अब उन्हें कानूनी रूप से राहत मिलने का रास्ता खुल गया है। लोग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। विभाग ने समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।

मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह योजना जनता के सहयोग से ही सफल होगी। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अव्यवस्था फैलाना नहीं है। यह केवल पहले से बने अनियमित मकानों को राहत देने के लिए लाया गया है। सरकार ने शुल्क भुगतान को आसान बनाने के लिए किस्तों की सुविधा दी है। प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि राज्य सरकार व्यवस्थित शहरीकरण को प्राथमिकता दे रही है। रांची समेत कई शहरों में फ्लाइओवर और सड़क परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि केवल G+2 और 300 वर्गमीटर से कम मकानों को योजना में शामिल किया गया है। आवेदन के लिए दो महीने का समय तय किया गया है। विभाग छह महीने में नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी करेगा। सरकार ने नगर विकास को नई दिशा देने का दावा किया है।

सूडा निदेशक सूरज कुमार ने कहा कि योजना आम लोगों के लिए राहत लेकर आई है। बिना नक्शा पास कराए बने मकानों को कानूनी मान्यता का अवसर मिलेगा। उन्होंने लोगों से पोर्टल पर आवेदन करने की अपील की। कार्यक्रम में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने लोगों को नियम और शर्तों की जानकारी दी। नगर विकास विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। फिक्की के प्रतिनिधियों ने भी योजना की सराहना की। सरकार का कहना है कि इससे शहरी विकास व्यवस्थित होगा। साथ ही नगर निकायों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। फिलहाल योजना को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है।

 

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