उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब झारखंड के मौसम पर दिखाई देने लगा है। इसके प्रभाव से राज्य में मॉनसून की गतिविधियां फिर तेज होने लगी हैं। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले एक सप्ताह के मौसम को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार राज्य के कई जिलों में बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। 24 से 27 अगस्त के बीच कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जगहों पर गरज और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। 27 अगस्त को रांची समेत कई जिलों में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
24 अगस्त को पलामू, गढ़वा, लातेहार, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी सिंहभूम, लोहरदगा और खूंटी के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश का अनुमान है। राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 25 अगस्त को गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी में भारी बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में तेज हवा के साथ मध्यम बारिश होने का अनुमान है। 26 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 27 अगस्त को रांची, बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कोडरमा, धनबाद, चतरा और गिरिडीह में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
28 और 29 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इन दोनों दिनों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। इसके बाद कई जगहों पर आसमान साफ होने की संभावना है। विभाग ने वज्रपात के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को खुले मैदान में जाने से बचने को कहा गया है। पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है। बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। अगले कुछ दिनों तक झारखंड में मॉनसून का असर बने रहने की संभावना है।



