टाटानगर रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई में दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से करीब 30 किलो गांजा बरामद हुआ। अभियान के दौरान नारकोटिक्स डॉग मैक्स की भी मदद ली गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपेश कुमार और शिव मुनि चौरसिया के रूप में हुई है। भूपेश कुमार बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर फतेहपुर का रहने वाला है। शिव मुनि चौरसिया बिहार के कैमूर जिले के भभुआ का निवासी है। जानकारी के अनुसार दोनों आरोपी ओडिशा की ओर से टाटानगर पहुंचे थे। वे समलेश्वरी एक्सप्रेस से यहां पहुंचे थे। इसके बाद दोनों को बिहार जाने के लिए पुरुषोत्तम एक्सप्रेस पकड़नी थी।
स्टेशन परिसर में आरपीएफ और जीआरपी की टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान दोनों युवकों की गतिविधियां टीम को संदिग्ध लगीं। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को रोककर पूछताछ की। इसके बाद उनके सामान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होने पर दोनों को हिरासत में ले लिया गया। बरामद गांजे का वजन करीब 30 किलो बताया गया है। पुलिस ने गांजे को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में दोनों के ओडिशा से आने की जानकारी मिली है। अब पुलिस गांजे के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि मादक पदार्थ की खेप किसे पहुंचाई जानी थी। पुलिस दोनों आरोपियों के संपर्कों और यात्रा से जुड़ी जानकारी भी खंगाल रही है।
कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को टाटानगर रेल थाना जीआरपी के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं। दोनों आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। बरामद गांजे को आवश्यक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को जेल भेजने की तैयारी है। रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। आरपीएफ और जीआरपी की टीम आगे भी स्टेशन परिसर में जांच अभियान जारी रखेगी।



