बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हुआ है। घटना खरीक प्रखंड के राघोपुर तटबंध के पास की है। बुधवार को फ्लड फाइटिंग कार्य के दौरान मजदूरों से भरी नाव नदी में पलट गई। नाव पर 22 मजदूर सवार थे। सभी मजदूर गंगा के कटाव को रोकने के लिए काम कर रहे थे। नाव पर रेत की बोरियां भी रखी गई थीं। मजदूर इन्हीं बोरियों के जरिए तटबंध को बचाने में जुटे थे। काम के दौरान गंगा की धारा में अचानक बदलाव आया। तेज बहाव के कारण नाव अपना संतुलन खो बैठी। देखते ही देखते नाव नदी में पलट गई। नाव पर सवार सभी मजदूर गंगा के पानी में गिर गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नाव पलटने की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ की टीम सक्रिय हो गई। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने 20 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दो मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। दोनों की तलाश के लिए नदी में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि नाव पर मौजूद रेत की बोरियों का वजन कम होने के बाद नाव का संतुलन प्रभावित हुआ। इसी दौरान नदी की बदलती धारा का दबाव भी बढ़ गया। दोनों परिस्थितियों के कारण नाव पलटने की बात सामने आ रही है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी। एसडीआरएफ की टीम लापता मजदूरों को खोजने में जुटी हुई है।
राघोपुर इलाके में पहले से ही बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। दो दिन पहले गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद गांव में पानी घुस गया था। इससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास में भी पानी पहुंच गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य करने का निर्देश दिया था। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। तटबंध की मरम्मत और कटाव रोकने का काम भी जारी है। इसी दौरान नाव पलटने से राहत कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है। फिलहाल प्रशासन की नजर लापता दोनों मजदूरों की तलाश पर है।



