चारा घोटाले के फरार आरोपी सत्येंद्र कुमार को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे लखनऊ रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उसे रांची लेकर आ रही है। लखनऊ की अदालत ने उसे ट्रांजिट रिमांड दिया है। शनिवार को उसे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। सत्येंद्र पर बिना दवा की आपूर्ति किए करोड़ों रुपये का भुगतान लेने का आरोप है। सीबीआई की जांच में उसके पार्टनर दिनेश राय का नाम भी सामने आया था। दोनों ने पशुपालन विभाग में दवा की आपूर्ति किए बिना भुगतान लिया था। इस मामले में वर्ष 2001 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसके बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
दिनेश राय को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। अदालत उसे सजा सुना चुकी है। सत्येंद्र हालांकि लंबे समय तक जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर रहा। सीबीआई उसकी तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान उसके नेपाल में रहने की जानकारी मिली थी। वहां भी उसके दवा कारोबार करने की सूचना थी। हाल में एजेंसी को उसके भारत लौटने की खबर मिली। सीबीआई ने इस सूचना के आधार पर निगरानी बढ़ा दी। जांच में पता चला कि वह मध्य प्रदेश के गुना शहर से 22 अक्टूबर 2026 को लखनऊ जाने वाला है। इसके बाद एजेंसी ने गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की।
सीबीआई की टीम ने लखनऊ रेलवे स्टेशन पर उसकी तलाश शुरू की। स्टेशन पर पहुंचने के बाद सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर उसे रांची लाया जा रहा है। सीबीआई ने चारा घोटाले के सभी मामलों में उसे आरोपी बनाया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने पहले ही उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। अब शनिवार को उसकी विशेष अदालत में पेशी होगी। सीबीआई की जांच में करोड़ों रुपये के भुगतान का मामला सामने आया था। सत्येंद्र के पिता शिक्षा विभाग में अधिकारी थे। उसकी गिरफ्तारी से लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश पूरी हुई है। अब अदालत में मामले की आगे की सुनवाई होगी। सीबीआई आरोपी को रांची लाकर न्यायिक प्रक्रिया पूरी करेगी।



