जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। शीर्ष अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। छात्रों की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया गया है। इससे राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर अब कोई रोक नहीं है। कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश संतुलित है। इससे पहले हाईकोर्ट ने दस छात्रों के परिणाम पर रोक लगाई थी। बाकी अभ्यर्थियों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई थी। यही आदेश अब प्रभावी रहेगा।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद जेएसएससी ने मेरिट लिस्ट जारी की थी। राज्य सरकार ने नियुक्ति पत्र बांटे थे। इसके बाद छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। अब याचिका खारिज होने से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह वैध मानी जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को स्थायित्व मिला है। आगे की कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।


