M/S AT DEV PRABHA पर वर्ष 2024 में टैक्स अनियमितताओं को लेकर भारी वित्तीय मांग रखी गई थी. ऑडिट में कई तकनीकी और लेखा त्रुटियां उजागर की गई थीं. इन आधारों पर कंपनी के खिलाफ 48 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस तैयार हुआ था.
सुनवाई के दौरान कंपनी ने अपने दस्तावेजों में त्रुटियों को तकनीकी बताया. उसने टैक्स भुगतान और ITC लाभ से संबंधित वास्तविक स्थिति स्पष्ट की. जांच के पुनर्मूल्यांकन के बाद देनदारी घटकर केवल 98 हजार रुपये रह गयी.
निर्णय पर अब उच्च स्तर पर समीक्षा का अवसर उपलब्ध है. कर विभाग जल्द अगला निर्णय ले सकता है. मामला कारोबारी जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है.



