रांची में ACB की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ सबूत मजबूत होते जा रहे हैं। एजेंसी ने कई जमीन सौदों की पहचान की है। ये जमीनें पॉश इलाकों में स्थित हैं। दस्तावेजों में मालिक अलग-अलग लोग हैं। लेकिन वास्तविक नियंत्रण संदिग्ध है।
जांच में पाया गया कि जिनके नाम संपत्ति है वे घरेलू कर्मचारी हैं। उनकी आय सामान्य वेतन तक सीमित है। बैंक खातों में अचानक बड़ी रकम का आना संदेह पैदा करता है। रजिस्ट्री और म्यूटेशन की प्रक्रिया की जांच हो रही है। धन के स्रोतों की परतें खोली जा रही हैं। ACB इसे संगठित अपराध मान रही है।
अब एजेंसी बेनामीदारों से पूछताछ करेगी। पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं है। इसमें सिस्टम के दुरुपयोग की आशंका है। कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने की संभावना है।


