धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का मामला कई स्तरों से जुड़ा है। संस्थान को सीमित छात्रों के नामांकन की अनुमति थी। अनुमति 9 सितंबर 2025 को दी गई थी। यह अनुमति केवल 60 छात्रों के लिए थी।
इसके बावजूद संस्थान ने 138 छात्रों को दाखिला दे दिया। बाद में छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोका गया। इसे लेकर संस्थान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका पर जनवरी में सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला माना। कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसी आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने अपील दायर की। अब इस अपील पर सुनवाई जारी है।


