रांची से बड़ी खबर सामने आई है जहां झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी की अव्यवस्थित स्थिति पर गंभीर टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि रांची की स्थिति बदतर है और अब कार्रवाई जरूरी है। इस दौरान अदालत ने सरकार की निष्क्रियता और योजनाओं की धीमी प्रगति को भी लेकर असंतोष जताया। अदालत ने कहा कि कोई भी राजधानी ऐसी हालात में नहीं हो सकती।
कोर्ट ने आदेश दिया है कि स्थिति सुधारने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाए। इस समिति में राज्य के मुख्य सचिव, नगर आयुक्त, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक 10 दिसंबर को होगी और इसमें सभी की भागीदारी अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा कि अब समीक्षा नहीं बल्कि कार्रवाई होगी। यह फैसला शहर की प्रशासनिक दिशा बदल सकता है।
इस मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। अदालत ने उम्मीद जताई है कि तब तक प्राथमिक सुधार योजना पेश की जाए। शहर के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। ट्रैफिक, सफाई और बिजली जैसी समस्याओं पर तुरंत सुधार की उम्मीद की जा रही है। रांची में यह फैसला चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।


