हजारीबाग वन भूमि घोटाले और disproportionate assets मामले में बुधवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। रांची एसीबी कोर्ट में विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई निर्धारित थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने का प्रयास किया, लेकिन एसीबी आवश्यक केस डायरी प्रस्तुत नहीं कर सकी। इससे अदालत ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि बिना दस्तावेज किसी भी निर्णय पर पहुँचना असंभव है। इसलिए सुनवाई को आगे की तारीख पर स्थगित कर दिया गया।
जिन आरोपियों पर मामला दर्ज है, उनमें उच्च पदों से जुड़े लोग शामिल हैं। एफआईआर में IAS अधिकारी विनय चौबे मुख्य रूप से आरोपी बताए गए हैं। उनकी पत्नी स्वप्न संचिता का नाम भी इसी केस में दर्ज है। इसके साथ ही नेक्सजेन कंपनी के मालिक विनय सिंह का नाम भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पारिवारिक संबंधों को देखते हुए शिपिज त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी को भी आरोपी बनाया गया है। यहां तक कि विनय चौबे के ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी को भी इस घोटाले में शामिल बताया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी आरोपियों ने अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है। कई खातों में संदिग्ध निवेश देखे गए हैं। जांच टीम ने बताया कि आरोपियों के बीच वित्तीय लेनदेन की लंबी श्रृंखला मौजूद है। यह भी बताया गया कि वन भूमि घोटाले में मिली राशि को अन्य निवेशों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई थी। एसीबी इस मामले को बड़े घोटाले के रूप में देख रही है। आने वाली तारीख पर महत्वपूर्ण दस्तावेज कोर्ट में पेश किए जा सकते हैं।



