झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी विवाद में संतुलित रुख अपनाया है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को राहत दी है। नियुक्ति और ट्रेनिंग का निर्देश दिया गया है। साथ ही अंतिम आदेश से जोड़कर शर्त भी रखी गई है। यह न्यायिक संतुलन का उदाहरण है।
न्यायालय ने राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग देने को कहा। यह आदेश अंतरिम प्रकृति का है। इससे दोनों पक्षों के हित सुरक्षित रखे गए हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय सर्वोपरि होगा। यदि अंतिम आदेश अलग हुआ तो नियुक्ति प्रभावित होगी। इस फैसले से प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।



