रेलवे कुलियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पूरे देश में एक साथ अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान सोशल मीडिया एक्स पर होगा। दोपहर बारह बजे से पोस्ट किए जाएंगे। कुली सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। रोजगार और सुरक्षा मुख्य मुद्दे हैं। बजट सत्र से पहले यह पहल की गई है। कुली अपनी समस्याएं सार्वजनिक करेंगे। रेलवे से जुड़े शीर्ष अधिकारियों को टैग किया जाएगा। अभियान की तैयारी पूरी हो चुकी है।
कुलियों की स्थाई नियुक्ति की मांग फिर उठी है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर दिया गया है। वर्दी और विश्रामगृह की व्यवस्था की मांग है। निजीकरण के खिलाफ विरोध दर्ज किया जाएगा। राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने रणनीति बनाई है। वर्चुअल बैठक में निर्णय लिया गया। 2008 के मॉडल को दोहराने की मांग की गई। कुलियों का कहना है कि उनका योगदान अहम है। इसके बावजूद वे उपेक्षित हैं। सरकार से न्याय की उम्मीद जताई गई है।
बैठक में कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। अलग-अलग राज्यों से प्रतिनिधि जुड़े। राम सुरेश यादव ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान संगठित होगा। कुलियों में उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन की उम्मीद है। शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखी जाएगी। सरकार से संवेदनशीलता की अपेक्षा है। कुलियों का भविष्य दांव पर है। इस अभियान से बदलाव की उम्मीद की जा रही है।



