रांची : झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। विकास तिवारी की जमानत याचिका पर अदालत ने फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। फैसले के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। कानूनी विशेषज्ञ भी इस निर्णय पर नजर बनाए हुए हैं। यह मामला राज्य के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। अदालत में पक्ष और विपक्ष की दलीलें रखी गईं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना आदेश जारी किया। मामले से जुड़े लोग भी आदेश का इंतजार कर रहे थे। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
जानकारी के अनुसार यह मामला चैनपुर थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी से जुड़ा है। घटना में दो लोगों की मौत हुई थी। दो अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इसे आपराधिक वर्चस्व की लड़ाई से जोड़ा था। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। जांच एजेंसियों ने कई बिंदुओं पर पड़ताल की थी। पुलिस ने कई आरोपियों के नाम सामने लाए थे। मामले की जांच लंबे समय तक जारी रही। इस घटना ने कोयलांचल क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी। पुलिस ने कई दस्तावेज और साक्ष्य एकत्र किए थे। मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
मृतक भरत पांडेय के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। विकास तिवारी का नाम भी आरोपियों में शामिल था। बताया जाता है कि उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। कुछ मामलों में उन्हें बरी किया जा चुका है। कई मामलों में वह जमानत पर हैं। अदालत के ताजा आदेश के बाद मामला फिर चर्चा में है। पुलिस और कानूनी पक्ष आगे की प्रक्रिया पर काम करेंगे। संबंधित पक्ष अदालत के अगले कदमों पर नजर रखेंगे। इस फैसले को मामले का अहम मोड़ माना जा रहा है।



