पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने 9.660 किलो अफीम बरामद की है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में रंजन रजक और दयानंद प्रसाद शामिल हैं। रंजन रजक बिहार के गयाजी जिले के डुमरिया का रहने वाला है। दयानंद प्रसाद छतरपुर थाना क्षेत्र के मंझौली गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से अफीम के अलावा एक बाइक बरामद की है। उनके पास से मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन भी मिली है। सोमवार रात एसपी को अफीम तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम तैयार की गई। टीम ने छतरपुर-जपला मुख्य मार्ग पर करमा चराई रोड स्थित पथलगढ़ा के पास वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को एक बाइक तेज रफ्तार से आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर बाइक चालक ने भागने का प्रयास किया। जवानों ने घेराबंदी कर बाइक सवार को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान बाइक की डिक्की से दो काले प्लास्टिक बरामद किए गए। इनमें 2.660 किलो अफीम रखी हुई थी। पुलिस ने बाइक सवार से पूछताछ की तो उसकी पहचान रंजन रजक के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार रंजन से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई। उसकी निशानदेही पर मंझौली गांव में दयानंद प्रसाद के घर पर छापेमारी की गई। घर की तलाशी के दौरान सात किलो अफीम बरामद हुई। दोनों जगहों से बरामद अफीम का कुल वजन 9.660 किलो है। पुलिस ने मौके से अन्य सामान भी जब्त किया है। बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस अब अफीम की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि बरामद अफीम के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अफीम की खेप किस स्थान पर पहुंचाई जानी थी। तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी जारी है। जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



