रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में पूर्व आईएएस अधिकारी सुनील कुमार की मौत की जांच में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा है। विंध्यवासिनी अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट से कई पन्नों में लिखा एक नोट बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार नोट में सुनील कुमार ने अपनी मौत को आत्महत्या के बजाय शरीर का बलिदान बताया है। नोट सामने आने के बाद पुलिस ने जांच को और गंभीरता से आगे बढ़ाया है। लालपुर थाना प्रभारी रूपेश कुमार ने नोट से जुड़ी जानकारी साझा की है। उनके अनुसार सुनील कुमार ने लंबे समय से बीमारी से परेशान रहने की बात लिखी है। उन्होंने घुटने में दर्द की समस्या का भी उल्लेख किया है। नोट में पूर्व आईएएस अधिकारी ने अपनी अंतिम इच्छा भी दर्ज की है। उन्होंने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा जताई है। पुलिस अब नोट में लिखी सभी बातों की जांच कर रही है।
पुलिस ने बरामद नोट को एफएसएल जांच के लिए भेज दिया है। एफएसएल जांच के दौरान नोट की लिखावट और उसमें दर्ज तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस नोट की प्रमाणिकता को भी जांच का हिस्सा बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों को स्पष्ट करने के लिए सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। नोट में लिखी बातों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से मिलाया जाएगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच के दौरान फ्लैट से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
गौरतलब है कि रविवार को विंध्यवासिनी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में सुनील कुमार का शव मिला था। फ्लैट में काम करने वाली नौकरानी ने उन्हें मृत अवस्था में देखा था। इसके बाद उसने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी थी। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। लालपुर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। अब फ्लैट से मिले नोट ने जांच को नया आधार दिया है। पुलिस नोट की सामग्री को मामले में मिले अन्य साक्ष्यों से जोड़ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस मौत की वजह और परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।


