विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर रांची में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया। उनके योगदान को सराहते हुए बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रांची में एम्स और रिम्स-2 की योजना पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। सभी सदर अस्पतालों में बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचा रहा है। कार्यक्रम के दौरान जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े पोस्टरों का अनावरण किया गया। परिवार नियोजन कार्यक्रमों को लेकर जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता दे रही है।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मानव संसाधन के विकास को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी को सही दिशा देकर विकास का आधार बनाया जा सकता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। जनसंख्या नियंत्रण के सामाजिक और आर्थिक लाभों की जानकारी दी गई। सिविल सर्जन और अन्य विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई गई। कार्यशाला में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने सुझाव और अनुभव साझा किए। लोगों को जागरूक बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया गया। कार्यक्रम सकारात्मक संदेश और स्वास्थ्य सुधार के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।



