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राजस्व वृद्धि और विकास के लिए खनन क्षेत्र में सुधार.

निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयसीमा पर रहेगा फोकस.

 

 

झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य के राजस्व को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग की आवश्यकता बताई। अवैध खनन और बालू माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा राज्य की अमूल्य धरोहर है। इसके संरक्षण और सही उपयोग से विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बालू घाटों के संचालन में तेजी लाने को कहा। राजस्व वृद्धि के लिए लंबित खनन परियोजनाओं को शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने नियमित निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने गोल्ड माइनिंग क्षेत्र में संभावनाओं को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान उत्पादन बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास करने को कहा। नए गोल्ड ब्लॉकों के ऑक्शन को तेज करने का निर्देश दिया गया। JSMDC और JMECL के माध्यम से रोजगार और राजस्व बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिक खनिज क्षेत्रों को आरक्षित करने की बात कही। रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग रोकने के लिए तकनीकी उपायों पर जोर दिया गया। पर्यावरण संरक्षण मानकों के पालन को अनिवार्य बताया गया। स्थानीय लोगों को विकास का लाभ देने पर भी बल दिया गया। खनन क्षेत्रों में पुनर्वास और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी हों। उन्होंने समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। आधुनिक और टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने पर बल दिया गया। तकनीकी निरीक्षण के माध्यम से गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए नई योजना बनाने का निर्देश दिया। कोयला आपूर्ति प्रणाली को प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने सस्टेनेबल माइनिंग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

 

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