रांची में कांग्रेस पार्टी के अंदर मंत्री राधा कृष्ण किशोर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी से जुड़े कई पुराने नेता अब उनके खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। हालांकि अधिकतर नेता अनुशासन की वजह से खुलकर बयान नहीं दे रहे हैं। नेताओं का कहना है कि मंत्री बनाने के फैसले से पार्टी के भीतर असहज माहौल बन गया है। कांग्रेस के कई विधायक शुरुआत से ही इस फैसले से खुश नहीं थे। उनका मानना है कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं की अनदेखी हुई है। राधा कृष्ण किशोर की राजनीतिक वफादारी पर भी सवाल उठाये जा रहे हैं। नेताओं का कहना है कि उन्होंने समय के अनुसार कई बार अपनी राजनीतिक लाइन बदली है। इसके बावजूद उन्हें मंत्री पद मिलना कई कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं आया। पार्टी के अंदर यह मुद्दा अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंत्री पद के बंटवारे में सामान्य वर्ग के विधायकों की अनदेखी हुई थी। पार्टी के कुछ विधायक उस समय भी नाराज थे लेकिन उन्होंने अनुशासन नहीं छोड़ा। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार में सहयोगी दल की भूमिका निभा रही है और झामुमो सम्मान देता रहा है। ऐसे समय में सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक सवाल उठाना उचित नहीं माना जा रहा है। बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में सरकार द्वारा विकास कार्य किये जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की मदद से वहां नक्सल प्रभाव कम हुआ है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी जैसी सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश जारी है। लेकिन राधा कृष्ण किशोर ने यह कहकर नई बहस छेड़ दी कि वहां एक प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है। उनके इस बयान से सरकार और पार्टी दोनों असहज नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के बीच इस बयान को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पार्टी नेताओं के मुताबिक राधा कृष्ण किशोर ने योगेंद्र साव के मामले में भी सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस पहले ही योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। इसके बावजूद उनका समर्थन करना पार्टी लाइन के खिलाफ माना जा रहा है। नेताओं का कहना है कि इससे गलत संदेश जा रहा है। राधा कृष्ण किशोर लगातार पार्टी नेतृत्व को पत्र लिख रहे हैं। उनके पत्र कुछ ही देर में मीडिया में सुर्खियां बन रहे हैं। इससे कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जल्द ही इस मामले पर फैसला लिया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार पार्टी अनुशासन के आधार पर कार्रवाई की तैयारी में है। वहीं राधा कृष्ण किशोर भी अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता अब इस पूरे विवाद के शांत होने का इंतजार कर रहे हैं।


