चिकित्सा शिक्षा और संस्थान के विकास को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
इसके लिए डॉ. निशीथ एम. पॉल एक्का को उप-संकायाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रिम्स प्रशासन ने इस संबंध में आवश्यक निर्णय लिया है। नए दायित्व के तहत शैक्षणिक कार्यों को गति देने पर जोर रहेगा। सीटों के विस्तार की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। संस्थान के विकास से जुड़े कई पहलुओं पर काम किया जाएगा। प्रशासन ने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया है।
इसके अलावा नेत्र रोग विभाग के अपर प्राध्यापक डॉ. राहुल प्रसाद को डीन छात्र कल्याण का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। छात्र कल्याण से जुड़े कार्यों का हस्तांतरण प्रो. डॉ. शिव प्रिये करेंगे। इसके बाद डॉ. राहुल प्रसाद अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशासन ने कहा कि इससे छात्र हितों से जुड़े कार्यों को और मजबूती मिलेगी। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास होंगे। संस्थान में समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। छात्रों के लिए नई सुविधाओं पर भी काम किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा को और बेहतर बनाने की दिशा में पहल जारी रहेगी। सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जाएगा।
रिम्स प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों से संस्थान को कई स्तर पर लाभ मिलेगा। सुपरस्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के विस्तार की प्रक्रिया को गति मिलेगी। एमबीबीएस और पीजी सीटों में प्रस्तावित वृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। आधुनिक चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी ध्यान रहेगा। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है। छात्र कल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। रिम्स को एक बेहतर चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में काम जारी रहेगा। इन बदलावों से संस्थान के समग्र विकास की उम्मीद जताई गई है।


