चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के चर्चित संजय बोयपाई हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक संजय बोयपाई गुलकेड़ा पंचायत के पूर्व उपमुखिया थे। उनकी हत्या एक जून की रात कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल था। पुलिस ने तत्काल विशेष जांच दल का गठन किया। टीम ने कई स्तरों पर जांच शुरू की। तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई। जांच में जमीन विवाद का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार इसी विवाद ने हत्या की साजिश को जन्म दिया। मुख्य आरोपी ने अन्य लोगों को सुपारी देकर वारदात कराई। पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। इसके बाद सुरेश सोय, कप्तान होनहांगा उर्फ टाटा, गुने हिन्दू अंगरिया उर्फ मोटा, बुधू बोदरा और बीजू चौधरी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सभी ने अपनी भूमिका स्वीकार की। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर देशी कट्टा बरामद किया। जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी। आरोपियों ने मौके और समय का चयन पहले से किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद किया है। बरामद सामग्री जांच के लिए भेजी जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इससे और तथ्य सामने आएंगे। पूरे मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
एसडीपीओ बहाम टुटी ने कहा कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है। पुलिस हर मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस खुलासे से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया है। अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सतर्क है। छापेमारी टीम के सभी सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही। इस सफलता ने पुलिस की कार्यकुशलता को साबित किया है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। संजय बोयपाई हत्याकांड का खुलासा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।



