JSSC-CGL परीक्षा विवाद की जांच कर रही CID की SIT ने सोमवार को एक और गिरफ्तारी की है। SIT ने पटना निवासी राजन कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, राजन कुमार पर मामले में बिचौलिये की भूमिका निभाने का आरोप है। इस मामले में CID पहले से ही कई आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी को पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली थीं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर राजन कुमार की भूमिका सामने आई। इसके बाद SIT ने उसके संबंध में विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला गया। CID को राजन के मामले से जुड़े होने के कुछ सुराग मिले। साक्ष्यों के आधार पर SIT ने उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की।
राजन कुमार की गिरफ्तारी के बाद CID की जांच और आगे बढ़ गई है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। अधिकारी उससे परीक्षा विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ले रहे हैं। उससे कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी भूमिका क्या थी।
इसके साथ ही उसके संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पहले गिरफ्तार आरोपियों और अभ्यर्थियों से मिली जानकारी को जांच में शामिल किया गया है। CID तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से मिले तथ्यों का मिलान कर रही है। SIT को उम्मीद है कि राजन से पूछताछ में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इन जानकारियों से परीक्षा विवाद की अन्य कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।
JSSC-CGL परीक्षा विवाद मामले में CID लगातार अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसी का फोकस पूरे मामले से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने पर है। SIT यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर कितने लोग इसमें जुड़े थे। इसके अलावा परीक्षा विवाद में बिचौलियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जन कुमार की गिरफ्तारी इसी जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों को जांच में शामिल किया जाएगा।
CID मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ से कुछ और सुराग मिलेंगे। जांच पूरी होने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है। फिलहाल SIT राजन कुमार से पूछताछ कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



