नगर विकास योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
जलस्रोत अतिक्रमण हटाने और स्वच्छ शहर निर्माण को मिली प्राथमिकता आज.
रांची : झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री Hemant Soren ने नगर विकास एवं आवास विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं और शहरी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नगर निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। रांची स्मार्ट सिटी परियोजना में भूमि अधिग्रहण कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया। जनहित से जुड़ी योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। बैठक में मंत्री Sudivya Kumar सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने जलस्रोत क्षेत्रों पर हुए अवैध अतिक्रमण को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने अधिकारियों को नदियों, तालाबों और डैम क्षेत्रों में बने अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्रोतों पर अतिक्रमण पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था के लिए खतरा है। आम लोगों से भी अवैध निर्माण नहीं करने की अपील की गई। राजधानी Ranchi के कांके डैम संरक्षण के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। डैम में गिरने वाले गंदे नालों को बंद करने और कैचमेंट एरिया की घेराबंदी करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने सभी घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने पर जोर दिया। बरसात से पहले जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश भी दिए गए। नगर निकाय क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था मजबूत करने पर चर्चा हुई। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ शहर निर्माण को लेकर गंभीर है।
मुख्यमंत्री ने रिंग रोड क्षेत्रों में सोलर पैनल और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा प्रणाली विकसित कर ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए। शहरी क्षेत्रों के सभी घरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया। बड़े होटल, अपार्टमेंट और सोसाइटी क्षेत्रों में वाटर वेस्ट मैनेजमेंट को अनिवार्य बनाने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की अपील की। झिरी स्थित लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर भी चर्चा हुई। आधुनिक तकनीक से कचरे का पुनर्चक्रण करने की योजना पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने सड़क किनारे पेड़ों की ट्रिमिंग कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न जिलों के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया। अधिकारियों को सभी योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार स्वच्छ और आधुनिक शहरों के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।



