मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक झारखंड मंत्रालय में आयोजित की गई। इसमें विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को बेहतर कार्य संस्कृति अपनाने का निर्देश दिया। बजटीय प्रावधानों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं की जमीनी प्रगति पर नजर रखने को कहा। बैठक में विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया। अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने इनोवेटिव योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि इस मद में वित्तीय प्रावधान बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट अवधारणा को उपयोगी बताया। उन्होंने प्रत्येक जिले की जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं तैयार करने का सुझाव दिया। बैठक में विकास योजनाओं के बेहतर संचालन पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नई सोच के साथ कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अधिकारियों को परिणाम आधारित कार्य प्रणाली अपनाने का निर्देश दिया। बैठक में कई नई संभावनाओं पर विचार किया गया। योजनाओं को प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक में पुरानी योजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने योजनाओं की प्रासंगिकता का मूल्यांकन करने को कहा। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन नहीं करने वाली योजनाओं में सुधार पर जोर दिया। वित्तीय वर्ष में अधिक खर्च सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों ने पीएमयू गठन का सुझाव प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने मॉनिटरिंग तंत्र को मजबूत बनाने की बात कही। अगले दस वर्षों के विकास विजन डॉक्यूमेंट पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। विकास योजनाओं को नई गति देने का संकल्प दोहराया गया।



