रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने बोकारो ट्रेजरी घोटाले में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह फैसला मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सुनाया गया। याचिका एएसआई अशोक भंडारी ने दाखिल की थी। गृह रक्षक सतीश कुमार और काजल मंडल ने भी जमानत की मांग की थी। अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों का अध्ययन किया था। इसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। न्यायालय ने अंततः तीनों को राहत देने से इनकार कर दिया। फैसले के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
यह घोटाला बोकारो ट्रेजरी से 11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। शुरुआत में यह मामला बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में सामने आया था। वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। महालेखाकार की रिपोर्ट ने कई अहम खुलासे किए थे। रिपोर्ट मिलने के बाद वित्त विभाग सक्रिय हुआ था। विभाग ने विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया था। जांच में वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण मिले थे। इसके बाद जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच शुरू हुई। मामला राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया था।
जांच पूरी होने के बाद संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुख्य आरोपी कौशल पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। जांच एजेंसियों ने कई दस्तावेज जब्त किए थे। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। बाद में अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आए। हजारीबाग, चाईबासा, रांची और रामगढ़ ट्रेजरी जांच के दायरे में आए। इससे घोटाले का आकार और बड़ा दिखाई दिया। एजेंसियां अब भी पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अदालत के ताजा फैसले ने जांच प्रक्रिया को नई मजबूती दी है।



