मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न कारागारों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 79 कैदियों की रिहाई से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। परिषद द्वारा अनुशंसित 37 नए मामलों के साथ पूर्व में लंबित 42 मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रत्येक मामले की कानूनी स्थिति, पात्रता और निर्धारित मानकों की जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। बंदियों के आचरण, कारावास की अवधि और न्यायालयों से प्राप्त टिप्पणियों का भी परीक्षण किया गया। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक और प्रोबेशन पदाधिकारियों की रिपोर्ट पर भी विस्तार से विचार किया गया। सभी तथ्यों का गहन अध्ययन करने के बाद 26 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर निर्णय कानून और मानवीय मूल्यों के संतुलन को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्वीकृत मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में कारागार सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल की स्थापना की दिशा में आवश्यक कदम तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से भूमि चिन्हित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधारात्मक न्याय व्यवस्था समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने रिहा होने वाले कैदियों के पुनर्वास को सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल से बाहर आने वाले व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को पुनर्स्थापन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास से समाज में विश्वास और सामाजिक समरसता मजबूत होगी। सरकार न्याय के साथ संवेदनशीलता और सुधारात्मक सोच को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करने को भी कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मानसिक रूप से बीमार बंदियों तथा जेल से मुक्त हो चुके ऐसे व्यक्तियों का अलग डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में नई शुरुआत का अवसर मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस दिशा में संवेदनशील और जवाबदेह होकर कार्य करने की अपील की। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नीरज कुमार श्रीवास्तव, महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं सुदर्शन प्रसाद मंडल तथा न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कारागार सुधार और पुनर्वास से जुड़े विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में लिए गए निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्याय, मानवता और संवेदनशील प्रशासन की भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है। बैठक का उद्देश्य कानून का सम्मान बनाए रखते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देना रहा।



