देवघर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर अपराध पर रोक लगाने के अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उदय दास और कांग्रेस यादव के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तीन सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। मोबाइल की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी के प्रमाण मिले हैं। पुलिस ने बरामद सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। मामले की जांच लगातार जारी है। अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को गूगल पे, फोनपे और पेटीएम का अधिकारी बताते थे। वे लोगों को कैशबैक का लालच देते थे। इसके बाद बैंक संबंधी जानकारी हासिल करते थे। आरोपी फर्जी एपीके फाइल भी भेजते थे। इन फाइलों को सरकारी योजनाओं के नाम से साझा किया जाता था। बिजली बिल और आरटीओ चालान का भी इस्तेमाल किया जाता था। मोबाइल का एक्सेस मिलने के बाद ठगी की जाती थी। कई लोगों को इस तरीके से निशाना बनाया गया। पुलिस ने लोगों को ऐसे संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी है। साइबर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
आरोपी एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी बनकर भी लोगों को धोखा देते थे। वे एयरटेल थैंक्स एप के माध्यम से संपर्क करते थे। कार्ड बंद होने की झूठी सूचना दी जाती थी। फिर कार्ड चालू कराने के नाम पर ठगी की जाती थी। पुलिस पूरे गिरोह की जानकारी जुटा रही है। बरामद मोबाइल और सिम की तकनीकी जांच जारी है। अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने लोगों से किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की है। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है। साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता सबसे जरूरी बताई गई है।



