Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में शाह ब्रदर्स से जुड़े आयरन ओर उठाव मामले की सुनवाई हुई। मामला एक जनहित याचिका के माध्यम से अदालत में पहुंचा है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से मामले से जुड़े कई तथ्य अदालत के सामने रखे गए। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अदालत से आदेश लिया गया था। बताया गया कि आदेश मिलने के बाद पश्चिम सिंहभूम की माइंस से आयरन ओर का उठाव किया गया। प्रार्थी की ओर से इसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में आयरन ओर उठाव से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी अदालत को दी गई। प्रार्थी ने कहा कि मामले के सभी तथ्यों पर अदालत का ध्यान जाना जरूरी है। दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने शाह ब्रदर्स को नोटिस जारी किया। अदालत ने कंपनी से मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया कि न्यायालय से आदेश प्राप्त करने से पहले सभी जरूरी तथ्यों की जानकारी नहीं दी गई थी। आरोप है कि कुछ तथ्यों को छिपाकर आदेश हासिल किया गया। इसके बाद पश्चिम सिंहभूम में स्थित माइंस से आयरन ओर उठाया गया। इस कार्रवाई को लेकर जनहित याचिका में आपत्ति दर्ज कराई गई है। प्रार्थी की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में शाह ब्रदर्स का पक्ष जानने का फैसला किया। इसी क्रम में कंपनी को नोटिस जारी किया गया। अब शाह ब्रदर्स को अदालत के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। कंपनी अपने जवाब में प्रार्थी की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रख सकती है। मामले की अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा। अदालत के समक्ष मामले से जुड़े दस्तावेज भी रखे जा सकते हैं। फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट ने कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है।
शाह ब्रदर्स से संबंधित इस मामले में पश्चिम सिंहभूम की माइंस से आयरन ओर उठाव मुख्य मुद्दा है। जनहित याचिका में आदेश प्राप्त करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया गया है। प्रार्थी ने कोर्ट को बताया कि तथ्यों को छिपाए जाने के बाद आदेश लिया गया था। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। हाईकोर्ट ने इसी वजह से शाह ब्रदर्स को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा है। कंपनी का जवाब सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। अगली सुनवाई में अदालत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी विचार कर सकती है। आयरन ओर उठाव से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। मामले में आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार होगी। फिलहाल जनहित याचिका पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है। अब सबकी नजर शाह ब्रदर्स के जवाब और अगली सुनवाई पर रहेगी।

