बड़गांई की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। उनकी डिस्चार्ज पिटीशन को ED की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था। इसी आदेश के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से एक नया आवेदन भी दिया गया। आवेदन में डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट ने इस आवेदन पर ED से जवाब मांगा है। अदालत ने जांच एजेंसी को 16 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 16 सितंबर को होगी।
ED की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास ने अदालत में पक्ष रखा। अधिवक्ता सौरव कुमार ने भी ED की ओर से पैरवी की। हेमंत सोरेन की याचिका पर अदालत अब जांच एजेंसी के जवाब पर विचार करेगी। इस मामले में ED की विशेष अदालत पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है। अंतू तिर्की और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत 15 आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं। राजकुमार पाहन समेत दो आरोपियों के खिलाफ अभी आरोप गठन नहीं हुआ है। मामले में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप को भी आरोपी बनाया गया है। बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह और प्रियरंजन सहाय के नाम भी आरोपियों में शामिल हैं। मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री और राजकुमार पाहन भी मामले से जुड़े हैं। संजीत कुमार और शेखर कुशवाहा के नाम भी आरोपियों की सूची में हैं।
तापस घोष और मोहम्मद इरसाद अख्तर भी इस मामले में आरोपी बताए गए हैं। अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन के नाम भी मामले में दर्ज हैं। मोहम्मद इरसाद का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल बताया गया है। कथित जमीन फर्जीवाड़े की जांच के दौरान ED ने कई बार कार्रवाई की थी। जांच एजेंसी ने JMM नेता अंतू तिर्की के ठिकानों पर छापेमारी की थी। आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह और जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई थी। जांच पूरी करने के बाद ED ने आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। अब हेमंत सोरेन की याचिका पर हाईकोर्ट में आगे की सुनवाई होगी। 16 सितंबर को ED का जवाब मिलने के बाद मामले में अगला रुख स्पष्ट हो सकता है।


