कोयला घोटाले की जांच कर रही ईडी ने जया देवी को समन भेजा है। जया देवी कोयला कारोबारी कुंभनाथ सिंह की पत्नी हैं। कुंभनाथ सिंह चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह के भाई हैं। ईडी ने जया देवी को 11 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्हें सुबह 11 बजे तक रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में जया देवी के नाम की संपत्तियों का विवरण मिला था। इन दस्तावेजों में चल और अचल संपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल है। ईडी इन संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए आर्थिक स्रोतों की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में जया देवी को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। एजेंसी ने उन्हें जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आने को भी कहा है।
समन के तहत जया देवी को अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। उन्हें परिवार के सदस्यों की संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी साथ लानी होगी। ईडी कोयला घोटाले की जांच के दूसरे चरण में मिले दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। छापेमारी के दौरान मिले निवेश संबंधी रिकॉर्ड भी जांच में शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर एलबी सिंह के परिवार और रिश्तेदारों से जुड़े लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। एजेंसी संपत्तियों की खरीद और उनके वित्तीय स्रोतों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। जया देवी से पूछताछ के दौरान इसी पहलू पर जानकारी ली जा सकती है। ईडी उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों की भी जांच करेगी। संपत्तियों के अलावा पारिवारिक वित्तीय गतिविधियों से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं। जांच एजेंसी उपलब्ध जानकारी का मिलान पहले मिले दस्तावेजों से करेगी।
छापेमारी के दौरान ईडी ने करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया था। बताया गया है कि इस निवेश का बड़ा हिस्सा एलबी सिंह के परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर है। इन निवेशों से संबंधित आर्थिक स्रोतों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह से पूछताछ हो चुकी है। उनके साले रंजीत कुमार सिंह से भी एजेंसी पूछताछ कर चुकी है। एलबी सिंह के भाई विश्वविजय सिंह से भी सवाल किए जा चुके हैं। अब जया देवी को समन भेजकर जांच से जुड़े दस्तावेज और जानकारी मांगी गई है। ईडी इस मामले में पारिवारिक सदस्यों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल आगे बढ़ा रही है। जया देवी से पूछताछ के बाद संपत्तियों और निवेश से जुड़े कुछ और तथ्य सामने आ सकते हैं। इसके आधार पर ईडी मामले में आगे की कार्रवाई तय कर सकती है।



