धनबाद SSP प्रभात कुमार ने शुक्रवार को DSP विधि-व्यवस्था कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय में चल रहे कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान लंबित केसों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। SSP ने अलग-अलग शाखाओं में रखी फाइलों और दस्तावेजों को देखा। उन्होंने रिकॉर्ड के रखरखाव की व्यवस्था का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न कक्षों में जाकर जरूरी अभिलेखों की जांच की गई। अधिकारियों से पुराने मामलों की प्रगति के बारे में जानकारी ली गई। SSP ने वर्ष 2023 तक लंबित सभी केसों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने इन मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने जांच में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने पर जोर दिया।
प्रभात कुमार ने केस डायरी को नियमित रूप से अपडेट रखने को कहा। उन्होंने सुपरविजन रिपोर्ट को भी समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट सहित सभी जरूरी रिकॉर्ड दुरुस्त रखने को कहा गया। SSP ने लंबित वारंटों की लगातार समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने पर जोर दिया। अधिकारियों को वारंट से जुड़े मामलों में किसी तरह की देरी नहीं करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई से न्यायिक प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ेगी। SSP ने पुराने मामलों के साथ नए मामलों की जांच पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने नए केसों में अनुसंधान की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। थाना स्तर से मिलने वाली रिपोर्टों की समयबद्ध समीक्षा करने पर भी जोर दिया।
SSP ने पुलिस अधिकारियों के काम की जवाबदेही तय करने की बात कही। उन्होंने हर स्तर पर मामलों की प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया। लंबित केसों की स्थिति में नियमित सुधार लाने को कहा गया। उन्होंने कार्यालय के सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने की आवश्यकता बताई। जांच से जुड़े दस्तावेजों को समय पर तैयार करने का निर्देश दिया गया। SSP ने पुराने मामलों के निपटारे में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं करने को कहा। उन्होंने नए मामलों में भी निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई करने पर जोर दिया। अधिकारियों को अपने स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान DSP विधि-व्यवस्था प्रकाश सोय, थाना प्रभारी और कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। SSP ने अधिकारियों को पुलिस कार्यों में तत्परता और जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया।



