रांची में बहुचर्चित अलकतरा घोटाला मामले में अहम फैसला सामने आया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को सजा सुनाई। ट्रांसपोर्टर विनय कुमार सिन्हा, आशीष मैती, राज कुमार राय और रंजन प्रधान को दोषी पाया गया। सभी को तीन-तीन साल का सश्रम कारावास दिया गया है। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित था। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद यह फैसला सुनाया गया।
अदालत ने तीन अधिकारियों को बरी कर दिया है। एसके दास, एसएम औरंगजेब और एनसी प्रसाद को राहत मिली। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इन पर भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के गबन का आरोप था। ट्रायल के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। अभियोजन पक्ष ने 35 गवाहों की गवाही पेश की थी। अदालत ने सभी गवाहों के बयान का विश्लेषण किया। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया गया।
यह मामला वर्ष 1997 का है। यह हल्दिया से बरही तक बिटुमेन आपूर्ति से जुड़ा था। ट्रांसपोर्टरों ने माल उठाया लेकिन पूरा नहीं पहुंचाया। करीब 154 मीट्रिक टन अलकतरा रास्ते में गायब कर दिया गया। इसके अलावा फर्जी भाड़ा बिल भी जमा किए गए। इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। अदालत ने इसे गंभीर अपराध माना। दोषियों को सजा देकर कड़ा संदेश दिया गया।



