मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में रोजगार, प्रशिक्षण और श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के श्रमिकों का सटीक डाटा तैयार किया जाए। उन्होंने प्रवासी श्रमिकों की पूरी जानकारी पोर्टल में दर्ज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को हर सरकारी योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने को कहा। श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर भी कई निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए। बैठक में कई विकास योजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के श्रमिक देश के विभिन्न हिस्सों में कार्य कर रहे हैं। ऐसे श्रमिकों के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने श्रमिक पंजीकरण अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। श्रमिकों के लिए सुविधा केंद्र विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई रणनीति तैयार करने को कहा। अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए। प्रत्येक जिले में मॉडल आईटीआई विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने प्लेसमेंट व्यवस्था मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। बैठक में सफल प्रशिक्षित युवाओं से ऑनलाइन संवाद भी किया गया। युवाओं ने प्रशिक्षण और रोजगार के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास राज्य की प्रगति का आधार बनेगा। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और विभागीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।



